वीर अब्दुल हमीद : जानिए कैसे भारतीय सेना के शेर ने उड़ा दिए थे पाकिस्तान के 8 टैंक, जानिए

इतिहास में कुछ ऐसी घटनाएं होती है जो हमें हिम्मत देती है, हौसला देती है और उसे एक लंबे अरसे तक याद किया जाता है । इतिहास बनाने वाले वाकई में दुनिया से हट कर चलने वाले होते है । आज हम आपकों एक ऐसे ही शख्स से रूबरू कराने जा रहे है ।

भारत के इतिहास में 10 सितंबर 1965 को एक हीरो के बलिदान के लिए याद किया जाता है। यह आज भी भारत के लिए किसी सुपरहीरो से कम नही, या हम इसे कैप्टन ऑफ अमेरिका से तुलना कर सकते है । वो शख्स जिसने पाकिस्तान के टैंकों को उड़ा दिया था, भनक तक न लगने दी ।

जिसने अपनी जान की परवाह किए बगैर, भारत के इस सुपुत्र ने इस काम को अंजाम भी दिया और आज इतिहास में अपना नामदर्ज भी करवा लिया है। यह और कोई नही बल्कि भारत के वीर अब्दुल हमीद है।

अब हम चलते है असली कहानी की तरफ … साल था 1965 । जब भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने ऑपरेशन जिब्राल्टर की शुरुआत की थी। पाकिस्तान ने भारत को कमजोर मान अचानक से हमला कर दिया .. उनका मकसद था भारत को दो मोर्चो पर घेर कर हमला करना इसमें वो सफल भी रहे ।

पाकिस्तान कश्मीर पर कब्जा करना चाहता था। 1965 में पाकिस्तान ने भारत ये खिलाफ युद्ध छेड़ दिया।पाकिस्तान सेना ने खेमकरन सेक्टर के उसल उताड़ गांव पर हमला कर दिया था। भारत के खिलाफ अमेरिकन पैटन टैंक को उतारा था।

veer abdul hameed

बता दे कि 8 सितंबर 1965 को वीर अब्दुल हमीद की जीप चीमा गांव के बाहर गन्नेके खेतों से गुजर रही थी। अब्दुल हमीद जीप में ड्राइवर के पास में बैठे हुए थे।

जब वो जीप में बैठे हुए थे तो उस वक्त उनको टैंकों की आवाज सुनाई दी। इसके कुछ देर बाद ही उनको टैंक भी आते दिखाई दिए। उन्होंने तुरन्त ही अपनी रिकोयल्स गन को टैंकों की तरफ सेट कर दिया।

अब उनको इंतजार था कि गन की रेंज में टैंकों का आने का।इसके कुछ देर बाद पाकिस्तान टैंक रेंज में आई वैसे ही वीर अब्दुल हमीद की गन माउंटेड आरसीएल जीप ने आग उगलने शुरू कर दिया। देखते ही देखते पाकिस्तान के सात टैंकों उड़ गए।

इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से भी वीर अब्दुल हमीद पर हमले हुए लेकिन उन्हीने अपनी पोजिशन को लगातार बदलते रहे। अब्दुल हमीद का ड्रायवर भी इस हमले में शहीद हो गया लेकिन वीर अब्दुल हमीद ने हिम्मत नही हारी लेकिन पाकिस्तान की तरफ से एक बार निशाना लगने के बाद वीर अब्दुल हमीद भी शहीद हो गए। वीर अब्दुल हमीद की गाड़ी के भी परख्च्चे उड़ गए।।

वीर अब्दुल हमीद की गन माउंटेड जीप ने पाकिस्तान के पैटन टैंकों को तबाह कर दिया था।यह इस ऐसी घटना थी जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया था। यह घटना किस अजुबे से कम नहीँ थी। पूरी दुनिया उन्हें सलाम कर रही थी ।

बता दे, अब्दुल हमीद उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले के धर्मपुर गांव में 1 जुलाई1933 को पैदा हुए थे। उनके पिता मोहम्मद उस्मान सिलाई का काम करते थे।

अब्दुल हमीद को मरणोपरांत परमवीर चक्र से भी सम्म्मनित किया गया है। 28 जनवरी 2000 को भारतिय डाक विभाग ने वीरता पुरुस्कार विजेताओं के सम्मान में 5 डाक टिकटो के सेट में3रुपए का एक डाक टिकट जारी किया गया है। इतना ही नही इस डाक टिकट पर रिकोयल्स राइफल से गोली चलाते हुए जीप पर सवार वीर अब्दुल हमीद की तस्वीर भी बनी हुई है।

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