एक शादी ऐसी जिसमें महिला काजी ने पढ़ाया निकाह,शादी में टूटी परम्परा, कहा-इस्लाम में….

निकाह एक ऐसा पाक रिश्ता है जिसमे बढ़ने के बाद दूल्हा और दुल्हन हमेशा के लिए एक दूसरे से पाक हो जाते हैं। यहरिश्ते सिर्फ मिया और बीबी के नही होते है असल मैं इन रिश्तों में दो परिवार एक दूसरे से मिलते है।

मोहब्बत का सबसे बेहतरीन अंजाम निकाह होता है। आपको बता दे कि दिल्ली से एक ऐसे निकाह की खबर आ रही है जो जरा ही हटकर है। राष्ट्रीय राजधानी में एक महिला काजी ने पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के परपोते का निकाह पढ़वाया है।

जेब्रान रहमान और उर्सिला अली का निकाह बीते दिनों ही हुआ है। जिसमे करीबी दोस्त और परिवार के लोग शामिल हुए।योजनाआयोग की पूर्व सदस्य सैयदें हमीद जे रहमान और उर्सिला का निकाह पूरा कराने के लिए काजी की भूमिका निभाई है।

हमीद ने कहा है कि उन्होंने एक काजी के रूप मेरसमे निभाई है। जहां निकाहनामे में शर्ते मुस्लिम महिला मंच के तत्वाधान में तैयार की गई थी। दूल्हे की परदादी बेगम सईदा खुर्शीद इस संगठन की संस्थापक अधयक थी।

उन्होंने आगे कहा कि क़ुरआन शरीफ में ऐसी कही बात नही है कि निकाह औरत पढाई या मर्द।
महिला काजी का कहना है कि वो अबतक 18 से ज्यादा निकाह करा चुकी है।

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