सऊदी अरब में जो अबाया का चलन था, वो धीरे धीरे खत्म हो रहा है, जानिए क्यों

सऊदी अरब में जो अबाया का चलन था। वो धीरे धीरे खत्म हो रहा है। नई नश्ल तो अबाया भी इस डिजाइन की पहमती हैं कि उनका पहनना-न-पहनना एक सा होता है। वहीं जो पुरानी महिलाएं हैं वो माशा अल्लाह बुरखा पहले ही की तरह पहन रही हैं। देश में भले ही बदलाव आ रहा है लेकिन उनमें जरा भी बदलाव नहीं आया है।

सिनेमा खुल चुका है, तास पत्ती का प्रोग्राम होता है। अपने भाई जान सलमान खान व उनके साथ कई और कलाकारों की टोली यहां आकर रियाद सीजन में ठुमके लगा चुके हैं। महिलाएं ड्राइविंग नही कर सकती थीं। अगर ड्राइविंग करते पकड़ी जाती थीं तो जेल हो जाती थी। अब माशा अल्लाह ऐसी ड्राइविंग कर रही हैं कि दांतों तले उंगली दबा लो।

पहले सऊदी महिला हो या नॉन सऊदी महिला सभी को अबाया पहनना अनिवार्य होता था। मॉल में तो बगैर अबाया के एंट्री ही नहीं होती थी। अब नॉन सऊदी महिलाएं बगैर किसी रोक रोक के बगैर अबाया के घूम सकती हैं, मॉल जा सकती हैं। किसी तरह की कोई बंदिश नहीं है।

इन सब बदलाओं की क्रेडिट एक शख्स को जाती है और वो शख्स हैं। वली अहद मोहम्मद बिन सलमान (MBS) विजन 2030 का प्रोग्राम चलाकर देश में काफी अच्छे अच्छे बदलाव कर रहे हैं। सऊदी की युवा पीढ़ी के लिए MBS एक हीरो हैं।

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