ए आर रहमान इस वजह से बने गए थे हिन्दू से मुस्लिम , हर रोज आता था आत्महत्या का ख्याल, जाने कैसी रही रहमान की जिंदगी

हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध संगीतकारो में शामिल ए आर रहमान आज सिनेमा जगत के एक अलग मुकाम पर  कामयाब बने हुए है। संगीत की दुनिया के सुरों के बादशाह कहे जाने वाले रहमान के गाने और संगीत की पूरी दुनिया दीवानी है।

गोल्डन ग्लोब अवार्ड से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय रहमान का बीते दिनों ही जन्मदिन मनाया गया है। अपने टेलेंट से  इंटरनेशनल लेवल पर भारत का मान बढ़ाने वाली इस शख्सियत को संगीत अपने पिता की विरासत में मिला है।

उनके पिता आरके शेखर मलयाली फिल्मो में संगीत देते थे।महज 11 साल की उम्र से म्यूजिक के साथ वक्त बिताने वाले रहमान की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नही है।

बता दे कि जन्म के वक्त उनका नाम एस दिलीप कुमार था जिस बाद में बदलकर अल्लाह रखा यानी कि रहमान रखा गया।

एक बार रहमान की छोटी बहन काफी बीमार हो गई थी। सभी डॉक्टरो ने यहां तक कह दिया था कि उसके बचने की अब कोई उम्मीद नही है।

रहमान ने अपनी छोटी बहन के लिए दुआए मस्जिदों और मंदिरों में जाकर मांगी। उनकी दुआ जल्द ही कुबूल हो गई। इस चमत्कार को देखकर रहमान ने इस्लाम धर्म को कुबूल कर लिया था।

महज 25 साल की उम्र में रहमान खुद को बेहद  असफल मानते थे और आए दिन आत्महरया के बारे में सोचा करते थे।

रहमान ने साल 1991 में अपना खुद का म्यूजिक रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया था। उन्हें फ़िल्म डायरेक्टर मणिरत्नम ने अपनी फिल्म रोजा में संगीत देने का न्यौता दिया। उनकी यह फ़िल्म म्यूजिकल हिट रही और पहलीं फ़िल्म में ही रहमान को फिल्मफेयर अवार्ड  से नवाजा गया।

Leave a Comment