नासिका अख्तर:दुनिया के वैज्ञानिकों को पछाड़कर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट का एक जैविक तरीक़ा खोजने वाली महिला

जब पूरी दुनिया प्लास्टिक वेस्ट से जंग हार चुकी थी ऐसे वक्त में दसवीं पास करने वाले मुस्लिम महिला ने पर्यावरण सरंक्षण का एक अनोखा तरीका निकाला। नारी को यूं ही नही शक्ति माना जाता है। नासिरा अख्तर ने असम्भव को सम्भव कर दिखाया है।

दक्षिण कश्मीर में कनिपोरा कुलगाम की रहने वाली नासिरा अख्तर ने पूरीदुनिया के विज्ञानी और पर्यावरवुड को पीछे छोड़ते हुए प्लास्टिव वेस्ट में मैनेजमेंट में एक जैविक और अनोखा तरीका निकाला है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, अनसंग इनोवेटर्स ऑफ कश्मीर और कई अंतरास्ट्रीय स्तर के जनरल में उसके8 कहानी प्रकाशित हो चुकी है।

बीते दिनों ही महिला दिवस के इनको सम्मनित किया गया है। उन्होंने आईए एनएस नामी एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा है कि अव वो पेटेंट उन्होंने एक निजी कम्पनी को दुनिया की भलाई के लिए बेच दिया। अव फिर से वह एक नई खोज में जुट गई है।

उन्होंने आगे भी बताया है कि मैं पहली बार दिल्ली आई हूं और राष्ट्रपति के हाथों मुझे सम्मान मिला है। मुझे बहुत ही ज्यादा खुशी हो रही है।

नासिक का कहना है कि मैं कोई वैज्ञानिक नही हूं। यह पुरस्कार मेरा महि है यह उन महिलाओं के नाम है जो कुछ करने का जज्बा रखती है। इनकी दो बेटियां है इनके पति का 3 साल पहले मौत हो चुकी है।

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