संस्कृत में मुस्लिम छात्रा ने रचा इतिहास एक साथ जीते पांच गोल्ड मेडल,पढ़िए सफलता की कहानी…

मेहनत हमेशा ही रंग लाती है। हम जी तोड़ कर मेहनत करते है तो एक न एक दिन सफल हो ही जाते है। आपको बता दे कि लखनऊ यूनिवर्सिटी की एक मुस्लिम छात्रा ने संस्क्रत में एमए किया। उन्होने एक नही बल्कि 5 गोल्ड मेडल को अपने नाम किया है।

जिन्होंने बचपन मे ही अपनेपित को खो दिया था लेकिन उनके भाइयों ने उन्हें पढ़ाया और दिन रात मेहनत की और आज वह इस मकाम पर पहुँच गई है कि उन्होनेदेश का नाम रोशम किया है।

हमारे समाज की हर बेटियों ने अजने नाम को रोशम किया है चाहे वह मेडिकल क्षेत्र हो, आईएएस सेक्टर हो किसी मे भी बेटियों ने रोशन किया है।

आपको बता दे कि बीते महीनों में हीदीक्षांत समरोग के दौरान एलयू के द्वारा गजाला नाम की एक मुस्लिम छात्रा की घोषणा हुई थी।
गजालाएक दिहाड़ी मजदूर की बेटी है। लेकिन उनको काबिलियत का लोहा सभी ने माना दिहाड़ी मजदूर की बेटी पांच भाषाओं में जिसमे इंग्लिश, उर्दू, संस्क्रत, हिंदी और अरबी में भी है।

गजल कहती है कि यह पदक मैने नही बल्कि मेरे भाइयों शादाब और नायाब ने जीते है। जिन्होंजे स्कूल को छोड़ दिया लेकिन मुझे पढ़ाया है। उनके भाई ने एक 13साल और दूसरा 10 साल की उम्र स्व गैरेज में काम करते है।उसकी बड़ी बहन भी किसी के काम करने जाने लगी।बता दे कि गजल अब वैदिक साहित्य से पीएचडी करना चाहती है।

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