मुसलमान इतना मायूस क्यों हैं? जानिए

इस्लामी इतिहास की कुछ बेहद भयानक घटनाओं में से एक मंगोलों व तातारियों के हाथों बगदाद की तबाही थी अपने समय में विश्व के इस सबसे विकसित नगर को बुरी तरह से लूटा व बर्बाद किया गया बग़दाद की तबाही की बातें इतनी दर्दनाक हैं कि आज कई शताब्दियों बाद भी अपना प्रभाव रखती हैं आज भी हम मुस्लमान उसे सुन और पढ़ कर दुखी हो जाते हैं

पर क्या बगदाद की तबाही से इस्लाम मिट गया ? क्या मुसलमान कमज़ोर हो गएं? नहीं एक नशीमन बर्बाद हुआ तो दूसरा नशीमन आबाद कर लिया गया बल्कि नया नशीमन उन्हीं हाथों से आबाद हुआ जिन्होंने पुराने नशीमन को बर्बाद किया था

चंगेज खान का पोता हलाकू खान अपनी सेना के साथ बग़दाद तबाह कर रहा था तो वहीं उसका अपना सगा चचेरा भाई और चंगेज खान का दूसरा पोता बातू खान इस्लाम में दाखिल हो रहे थे वह कलमा पढ़ कर मुसलमान हो रहे थे

यह वह बातू खान हैं जिन्होंने एक शानदार सल्तनत की स्थापना की इनकी सल्तनत में आज के दोनों युद्ध ग्रस्त देश रूस व यूक्रेन भी शामिल थे ईरान के कुछ हिस्सों से शुरू हो कर पूरा सेंट्रल एशिया और पूर्वी यूरोप के देश रुस यूक्रेन पोलैंड और हंगरी भी इनकी सल्तनत का हिस्सा थे नक्शे में देखें मास्को व कीयफ़ दोनों शहर दिखाई देंगे इस सल्तनत को इतिहास में सुनहरा क़बीला या Golden Horde के नाम से जाना जाता है लगभग ढाई सौ साल यह सल्तनत शान से क़ायम रही और इसी ने आज के आधे यूरोप को सभ्यता सिखाई

बातू खान और उनके उत्तराधिकारियों ने वोल्गा नदी के तटीय इलाकों में एक नगर का निर्माण किया जिस का नाम सराय रखा उसे अपनी राजधानी बनाया , यह शहर बगदाद तो न बन सका लेकिन अपनी शान शौकत में बग़दाद से किसी तरह कम भी न था इब्ने बतूता ने अपने सफरनामा में इस नगर की भव्यता और शान शौकत के बारे में जो बयान किया है वह पढ़ने लायक है

Golden Horde पर हालीवुड में कई मूवी बन चुकी है कई टीवी सीरियल भी आ चुके हैं पता नहीं क्यों उर्दू हिन्दी किताबों में इस शानदार सल्तनत की चर्चा नहीं होती

इस पोस्ट का मकसद सिर्फ इतना है कि हम मुसलमानों ने बहुत कुछ देखा है बर्बादियों ने हमें तोड़ा नहीं नया हौसला दिया है और हम पहले से भी बेहतर तरीके से उठ खड़े हुए हैं आज जब कुछ मुसलमानों को मायूस देखता हूं तो अजीब सा लगता है यहां मै अल्लामा इक़बाल के कुछ अशआर पेश करना चाहता हूं

तू न मिट जाएगा ईरान के मिट जाने से
नशा ए मय को ताल्लुक नहीं पैमाने से
है अयां यूरिश ए तातार के अफसाने से
पासबां मिल गए काबे को सनम खाने से
कश्ती ए हक़ का ज़माने में सहारा तू है
अस्रे नो रात है धुंधला सा सितारा तू है

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