मिलिए भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे पहले तेज गेंदबाज ‘मोहम्मद निसार’, जिन्हें देखकर अंग्रेज कांपते थे और खेलने से डरते थे

भारतीय टीम ने1932 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। सीके नायडू के नेतृत्व में भारत के इंग्लेंड के खिलाफ लोडर्स में खेले गए उस शुरुआती टेस्ट मैच को महज 3 दिनों में गवा दिया था। तेज गेंदबाज मोहम्मद निसार ने भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट की पहलीं बोल भी डाली थी।

निसार ने उस मैच में पहला विकेट चटकाने के साथ ही पांच विकेट होल भी पूरा किया था। निसार को अपने करियर में महक छह टेस्ट मैच खेलने का भी मौका मिला लेकिन इस दौरान उनकी गेंदों की रफ्ताए सुर्खियों में भी रही है।सीके नायडू ने अपने एक लेख में लिखा था कि निसार

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज हेराल्ड लरवुड के भी तेज थे।आज भी इस बात को माना जाता है कि निसार से तेज गेंदबाज भारत मे कभी हुआ भी नही है। दिव्तीय विश्व युद्धऔर भारत देश के बटवारे के चलते हुए उनकी उपलब्धियों को भुला दिया गया है।

लोडर्स में भारत के ऐतिहासिक पहले टेस्ट मैच को देखने के लिए लगभग 25,000 लोग भी मौजूद थे। इंग्लिश कप्तान डगलस जोर्डिन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी को चुना था।भारत को 1933-34 में अपने घर पर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट खेलने का दूसरा मौका भी मिला था।

मुम्बई में खेले गए उस टेस्ट मैच में निसार ने एक बार फिर गेंदबाजी का आगज भी किया और अपनी पारी में 5 विकेटी भी निकाले है। निसार ने उस मैच में117 रन देकर 9 विकेट चटकाए थे।साल 2006 में भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड के मोहम्मद निसार के सम्मान में निसार ट्रॉफी की शुरुआत की थी।

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