जेहरा:जिसने बहुत कम उम्र में अरबी कैलीग्राफी में बनाई अपनी अलग पहचान…

अरबी केलोग्राफ बहुत ही कम बची हुई है। यूपी में यह कला बिल्कुल खत्म हो गई है। यूपी की बहराइच में रहने वाली युवा केलिग्राफर जेहरा जाफरी ने कहा है कि उन्होंने बहुत ही कम उम्र में इस काम को अंजाम दिया है और उन्होंने एक नई पहचान बनाई है।

कम।उम्र में ही उनका बहुत कुछ करने का इरादा है। ज्यादातर और विशेषकर वह अरबी केलिग्राफर में अपनी बढ़त को बनाना चाहती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिल बताया गया है कि जब उनसे बातचीत की तो हैरान करने वाली बात सामने आई है।

जेहरा जाफरी कम उम्र में ही इमाम अली मदरसा को चलाते है। जिसमें फिलहाल 41 बच्चे दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी शिक्षा ग्रह कर रहे है। इसके साथ ही जेहरा भी कैलीग्राफी सिख रही है।

बच्चे जब मदरसा सेनिकले तो उन्हें कई स्तर पर अरबी कैलीग्राफी को आगे बढ़ा सकें।जेहरा ने मदरसा चलाने के साथ ही कैलीग्राफी को अपने रोजगार का हिस्सा बनाया है।

वह पिछले पांच सालों में इस दिशा में काम कर रही ह। इनका जेहरा केलिग्राफी के न से ट्विटर हैंडल है जिसमे साढ़े दस हजार से करीब इनके फॉलोवर्स है।इसके अलावा भी इनके यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज भी है।

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