बेटे को किताब भी उधार लेकर पढ़नी पड़ती थी, अपने मेहनत से बन चुके है आज IAS अधिकारी, पिता थे गार्ड

जो शक्स जिंदगी में कठिन परिश्रम और सफलता करता है उसके मंजिल राह चूमा करती है।
एक मामूली दुकानदार के बेटे ने अभाव में रहकर पढ़ाई को पूरा किया और आज आईएसएस बनकर दिखाया है।
सूर्यकांत द्विवेदी के रायबरेली के रहने वाले है। उनके बेटे कुलदीप दिवेन्दी ने उनके सपने को पूरा किया है।
बता दे कि कुलदीप ने साल।2009 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से हिंदी विषय से B. A की डिग्री को हैसिल किया। उसके बाद उसी यूनिवर्सिटी से उन्होंने भूगोल से एम .ए किया। उन्होंने अपनी पूरी पढाई हिने के बाद यूपीएससी की तैयारी करने शुरू किया। वह इसकी तैयारी करने के लिए दिल्ली चले गए और अपने पिता का नाम रोशन किया।
उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 242 वी रैंक से हासिल किए है।

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