दोनों पैरों से विकलांग अल्ताफ़ शेख अखबार विक्रेता ने पेश की मिसाल, पैसों से भरा हुआ बटुआ ……

ईमानदारी ही इंसान को इंसान बनाती है। अगर आप किसी भूखे को नही देख सकते या किसी लाचार को द्वख कर आपकादिल नही पसीजता है तो आप इंसान नही है।

आज हम आपको एक ऐसा ही शख्स के बारे के बताने वाले है।जिसका नाम अल्ताफ शेख है।जो बहुत ही ज्यादा मजदूर और लाचार होते हुए भी मिसल बने है।

महाराष्ट्र के राहुरी अहमद नगर मेंअखबार विक्रेता के नाम से जाने वाले अल्ताभ शेख ने अपनी ईमानदारी का परिचय दिया। आपको बता दे कि अल्ताफ़ शेख ने अपनी ईमानदारी का परिचय दिया है।
अल्ताफ़ रोड के किनारे तिरपाल लगाकर बैठते है ।

वह अपनी जिंदगी को गुजर बसर करते है। उनकी हालत को देखकर हर कोई उन पर तरस खाता है। लेकिन अल्ताफ़ जो किया है उसे देखकर हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है।

वहां से एक बुजुर्ग अन्ना साहेब पर्वत गुजर रहे थे तो उनका बेतवा गिर गया।वो बटवा अल्ताफ़ को मिल गया। जब अन्ना साहेब अपना बटवा ढूंढते हुए अल्ताफ़ के पास पहुचे और अल्ताफ़ से पूछा तो अल्ताफ़ ने उनकी आमन्य को लौटा दिया। उन्होंने बताया कि अगर मैं उनका पर्स ले लेता तो यह हराम हो जाता।

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